पीठ के दर्द को आराम देने वाले आसन- peeth ke dard ko aaraam dene vaale aasan

इनके प्रयोग से हमारी रीढ़ की हड्डी लचीली और मजबूत होगी साथ ही हमारी कमर भी मजबूत हो जाएगी

जब हम बात YOGA की करते है तो यह हमारी प्राचीन सभ्यता से ही हमे स्वस्थ रखने हेतु उपाय बताते हुए आये है जिन्हे अब हम भूलते जा रहे है YOGA न केवल हमे शारीरिक रूप से बल्कि मानसिक रूप से भी स्वस्थ रखता है YOGA के  द्वारा हम अपनी कमर के दर्द को भी ठीक कर सकते है जिसके लिए हम हलासन व भुजंगासन  का प्रयोग करते है आसन को हम एक स्थिति भी बोल सकते है जिसके अंतिम चरण के हमे कुछ समय के लिए रुकना होता है तो चलिए जानते है किस-किस योग आसन के द्वारा हम अपनी कमर के दर्द को ठीक कर सकते है इनके प्रयोग से हमारी रीढ़ की हड्डी लचीली और मजबूत होगी साथ ही हमारी कमर भी मजबूत हो जाएगी 


पीठ के दर्द को आराम देने वाले आसन 

  हलासन - Hallasan  

अगर हम हलासन की बात करे तो इसकी आकृति हल के समान होती है जो हमारे शरीर के निचले भाग व कमर को मजबूत बनाते है और रीढ़ की हड्डी को मजबूत व लचकदार बनाती है 



करने का तरीका 

  1. सबसे पहले हमे कमर के बल पैरो को सीधे करते हुआ लेटना है हाथो को सीधे करके अपनी जांग के पास रखने है                                                                                                           
  2. अब गहरी सास ले और धीरे-धीरे अपने दोनों पैरो को मिलाकर उठाते हुए पहले 90" एंगल बनाते हुए पीछे की ले जाना है लेकिन हाथ अपनी पहली अवस्था में ही होने चाहिए                       
  3. पैरो को कमर के सहारे उठाते हुआ अपने सिर के पीछे जमीन से मिलाकर सास छोड़ना है इस अवस्था में आपके कमर और हाथ के बिच 90" का एंगल होना चाहिए और 30 सेकंड तक इसी अवस्था में रुककर फिर धीरे-धीरे पैरो को वापस लाते हुआ प्रारम्भिक अवस्था में लोट जाये 10 सेकंड रुकने के बाद दोबारा करे                                                                             
  4. हलासन की प्रकिया को 7-8 बार करना चाहिए  
हलासन क्रिया के बारे में ज्यादा  हेतु यहा click करे 


भुजंगासन 

भुजंगासन की अवस्था एक सर्प की भाती होती है जो हमारे पेट , सर् व कमर तीनो के लिए ही लाभकारी होता है 



करने का तरिके 

  1. सर्वप्रथम हमे प्रारम्भिक अवस्था में अपने पेट , छाती व जांग के बल लेटना पड़ता है                                                    
  2. अब अपने हाथ की हथेली को खोलकर अपने कंधो के पास रखते है और लम्बी सास लेकर अपने सिर , पेट व छाती को ऊपर उठाते है और जितनी देर हो सके उसी अवस्था में सास रोककर रुके                                                                                                                       
  3. अब अपनी पहली अवस्था में वापस आकर सास छोड़े और 10 सेकंड आराम करने के बाद 7-8 बार क्रिया को करे 
भुजंगासन क्रिया के बारे में ज्यादा जानने हेतु यह क्लिक करे 

 

Ashish

Author & Editor

I am a learner and I will give you full information how to develop good health in simple way

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