आज के इतने व्यस्त जीवन में स्वस्थ रहना काफी मुश्किल हो गया है जिसके कारण कई तरह-तरह की बीमारी होने का खतरा बढ़ जाता है जिनमे मुख्य है - चिंता , मोटापा , मासपेशी व जोड़ो में दर्द आदि इसी लिये हमे स्वस्थ रहने हेतु सभी क्रिया विधि को ध्यान रखना चाहिए हमे व्यायाम नियमित तोर पर करना चाहिए हमे भोजन में भी संतुलित आहार का सेवन करना चाहिए
सूर्यनमस्कार - सूर्य को ऊर्जा व प्रकाश का स्रोत माना जाता है इसी कारणवंश हमारी हिन्दू संस्कृति के अंतर्गत सूर्य की पूजा की जाती है उन्हे सूर्य भगवान के नाम से पुकारा जाता है सूर्यनमस्कार करने से हम अंधकार को दूर कर ज्ञान और ऊर्जा की प्राप्ति करते है साथ ही हम अपने मन और मस्तिष्क को शांति प्रदान करते है
सूर्यनमस्कार की क्रियाविधि
सूर्यनमस्कार के सभी 12 आसन
- प्रणाम आसन
- हस्तउत्तानासन
- हस्तपाद आसन
- अश्व संचालन आसन
- दड़ासन
- अष्टांग नमस्कार
- भुजंगासन
- पर्वत आसन
- अश्व संचालन आसन
- हस्तपाद आसन
- हस्त उत्थान आसन
- ताड़ासन
हस्तउत्तानासन
हस्तपाद आसन
अश्व संचालन आसन
दड़ासन
अष्टांग नमस्कार
भुजंगासन
पर्वत आसन
अश्व संचालन आसन
हस्तपाद आसन
हस्त उत्थान आसन
ताड़ासन
सूर्यनमस्कार क्रिया से होने वाले फायदे
- सूर्यनमस्कार के निरंतर अभ्यास से फेट घटाने में लाभकारी होता है जिसके फलस्वरूप वजन कम होता है और अतिरिक्त चर्बी भी कम हो जाती है
- इसके अभ्यास से पाचन क्रिया मजबूत होती है साथ ही भूख में भी सुधार आता है कब्ज , गैस आदि पाचन क्रिया से संबंधित बीमारी भी ठीक हो जाती है
- इसका निरंतर अभ्यास शरीर को सम्पूर्ण लचीलापन प्रदान करता है यह जोड़ो व मासपेशी में आवश्य्क लचक प्रदान करता है जिससे रोजमर्रा के जीवन में काफी प्रभाव पड़ता है ज्यादा जानकारी हेतु यहा क्लिक करे - लचीलापन क्या है इसकी क्षमता कैसे बढ़ाये
- सूर्यनमस्कार महिलाओ के लिए काफी फायदेमंद होता है क्योकि इसके अभ्यास से मासिक धर्म में अधिक पीड़ा नहीं होती साथ ही यह प्रेगनेंसी में भी लाभकारी होता है
- सूर्यनमस्कार के अभ्यास से बॉडी पोस्चर में भी सुधार होता है शरीर के बैलेंस को भी ठीक करता है
- सूर्यनमस्कार मुख्य रूप से जोड़ो व मासपेशीऔ में होने वाले दर्द में सुधार उत्प्रन करता है कमर के दर्द , घुटनो के दर्द , कंधो के दर्द आदि में सुधार उत्प्रन करता है
- सूर्यनमस्कार की क्रिया से विटामिन डी की पूर्ति होती है साथ ही यह त्वचा में भी निखार लता है साथ ही सभी अंदुरुनी बीमारी में भी लाभकारी होता है
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